जिला स्तर पर “ग्रीन स्कूल प्रोग्राम” पर प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित
होशियारपुर, 9 अक्तूबर:
पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम के तहत जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी), होशियारपुर के दिशा-निर्देशों पर ग्रीन स्कूल प्रोग्राम पर एक जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन कैम्ब्रिज इंटरनेशनल स्कूल, आदमवाल में किया गया।
इस दो दिवसीय कार्यशाला में जिले के विभिन्न विद्यालयों के जिला शिक्षकों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यशाला का संचालन शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों — श्री अशोक कालिया, श्री जगजीत सिंह, श्री रमनदीप सिंह, श्री हरदीप कुमार, श्री अनुज वासुदेवा तथा श्री जसपाल सिंह — के निर्देशन में किया गया। इन अधिकारियों ने प्रतिभागियों को पर्यावरण शिक्षा, स्कूलों में सतत विकास के उपाय, ऊर्जा संरक्षण, जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन, जैव विविधता और “ग्रीन स्कूल” ऑडिट की प्रक्रिया के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
प्रशिक्षकों ने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे अपने विद्यालयों में ग्रीन क्लब, वृक्षारोपण अभियान, वर्षा जल संचयन, और कचरे के पृथक्करण जैसे व्यवहारिक उपायों को लागू करें। उन्होंने कहा कि विद्यालय बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता विकसित करने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं।
कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने अपने-अपने विद्यालयों को पर्यावरण अनुकूल “ग्रीन स्कूल” बनाने का संकल्प लिया।
होशियारपुर, 9 अक्तूबर:
पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम के तहत जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी), होशियारपुर के दिशा-निर्देशों पर ग्रीन स्कूल प्रोग्राम पर एक जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन कैम्ब्रिज इंटरनेशनल स्कूल, आदमवाल में किया गया।
इस दो दिवसीय कार्यशाला में जिले के विभिन्न विद्यालयों के जिला शिक्षकों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यशाला का संचालन शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों — श्री अशोक कालिया, श्री जगजीत सिंह, श्री रमनदीप सिंह, श्री हरदीप कुमार, श्री अनुज वासुदेवा तथा श्री जसपाल सिंह — के निर्देशन में किया गया। इन अधिकारियों ने प्रतिभागियों को पर्यावरण शिक्षा, स्कूलों में सतत विकास के उपाय, ऊर्जा संरक्षण, जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन, जैव विविधता और “ग्रीन स्कूल” ऑडिट की प्रक्रिया के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
प्रशिक्षकों ने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे अपने विद्यालयों में ग्रीन क्लब, वृक्षारोपण अभियान, वर्षा जल संचयन, और कचरे के पृथक्करण जैसे व्यवहारिक उपायों को लागू करें। उन्होंने कहा कि विद्यालय बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता विकसित करने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं।
कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने अपने-अपने विद्यालयों को पर्यावरण अनुकूल “ग्रीन स्कूल” बनाने का संकल्प लिया।

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