भाजपा शासित राज्यों में दलित अधिकारियों के साथ हो रहा लगातार भेदभाव, हरियाणा में दलित आई.पी.एस अधिकारी की आत्महत्या समाज के लिए चिंता का विषय, कहा, देश की एकता, अखंडता और लोकतंत्र पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
होशियारपुर, 10 अक्तूबर: स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि देश के
मौजूदा हालात अत्यंत चिंताजनक हैं क्योंकि भाजपा शासित केंद्र और राज्य सरकारें
दलित अधिकारियों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही हैं। उन्होंने कहा कि यह
स्थिति न केवल लोकतंत्र के लिए खतरा है, बल्कि बाबा साहिब
डॉ. भीम राव अंबेडकर द्वारा रचित संविधान की भावना पर भी हमला है। डॉ. रवजोत सिंह आज अपने कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस को
संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने भारत के माननीय
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई के अपमान की सख्त निंदा की और इसे देश की सर्वोच्च न्यायपालिका, संविधान और दलित
समाज पर सीधा हमला करार दिया।
स्थानीय
निकाय मंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब देश की सबसे ऊंची न्यायिक संस्था के
प्रमुख का कोर्ट में अपमान किया जाता है, तब भाजपा के नेताओं
और सरकारों की ओर से मौन साध लिया जाता है। उन्होंने कहा कि यह मौन भाजपा की उस
खतरनाक मानसिकता को उजागर करता है, जो देश में एक दलित-विरोधी माहौल पैदा करने की साजिश
के तहत काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स लगातार नफरत
फैला कर देश की सामाजिक एकता को कमजोर कर रहे है, जो कि सीधा भाजपा पर
संदेश जाहिर करता है।
कैबिनेट मंत्री ने
कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार इस प्रकार की राजनीति को कभी सफल नहीं होने देगी।
उन्होंने घोषणा की कि “आप” इस मामले में कानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर व्यापक रणनीति तैयार कर रही है, ताकि दोषियों को सख्त
सजा मिल सके। पार्टी इस मुद्दे पर जनजागरण अभियान भी शुरू करेगी, जिससे यह संदेश जाए
कि न्याय और समानता पर कोई आंच नहीं आने दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि इसी
प्रकार का एक और दुखद मामला हरियाणा में सामने आया है, जहां एक वरिष्ठ
आई.पी.एस अधिकारी ने आत्महत्या कर ली। जांच में सामने आए सुसाइड नोट से स्पष्ट हुआ
कि अधिकारी को उसकी जाति के आधार पर प्रमोशन, एसीआर और पोस्टिंग
में लगातार भेदभाव झेलना पड़ा। डॉ. रवजोत ने कहा कि यह घटना भारतीय समाज के लिए
कलंक है और भाजपा सरकार की असंवेदनशीलता को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि यह और
भी अधिक निंदनीय है कि दोनों घटनाएं चाहे दिल्ली में मुख्य न्यायाधीश का कोर्ट में
अपमान हो या हरियाणा में दलित अधिकारी की आत्महत्या, भाजपा शासित
राज्यों में हुई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की
गई।
डॉ. रवजोत सिंह ने
दो टूक कहा कि आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार दलित समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए
प्रतिबद्ध है और किसी भी स्थिति में देश की एकता, अखंडता और लोकतंत्र
पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम हर स्तर पर आवाज उठाएंगे और ऐसे मामलों में न्याय सुनिश्चित करेंगे। इस अवसर पर नगर सुधार ट्रस्ट
होशियारपुर के चेयरमैन गुरविंदर सिंह पाबला, शाम चौरासी विधानसभा
के एस.सी. विंग के इंचार्ज जयावंती, तरसेम और हैप्पी कलेर भी मौजूद थे।

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