- ज़िला स्तरीय किसान मेला आयोजित- किसान हित में सरकार प्रतिबद्ध: पराली न जलाएं, धरती बचाएः डॉ. रवजोत सिंह- कैबिनेट मंत्री डा. रवजोत सिंह व डिप्टी कमिश्नर ने जिला स्तरीय किसान मेले में की शिरकत- वैज्ञानिक खेती अपनाएं, होशियारपुर को बनाएं पर्यावरण संरक्षण का मॉडलः डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन
होशियारपुर, 16 अक्तूबर: खेतों की उत्पादकता बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज कृषि विभाग, पंजाब की ओर से निदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पंजाब के दिशा-निर्देशों के तहत ज़िला स्तरीय किसान मेला सिटी सेंटर होशियारपुर में आयोजित किया गया। इस मेले का उद्घाटन कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। इस दौरान उनके साथ डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन व नगर सुधार ट्रस्ट के चेयरमैन गुरविंदर सिंह पाबला भी मौजूद थे।
अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने किसानों से अपील की कि वे धान की पराली को न जलाएं, क्योंकि इससे पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है और भूमि की उर्वरता भी घटती है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार किसानों की भलाई के लिए अनेक योजनाएं चला रही है, जिनका अधिकतम लाभ उठाने के लिए किसानों को विभागों से तालमेल बनाए रखना चाहिए। उन्होंने उपस्थित विभागों को किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान उन्होंने स्वंय सहायता ग्रुपों की ओर से लगाए गए स्टालों का भी दौरा कर उनकी हौंसलाआफजाई की।
डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन ने पिछले वर्षों में पराली प्रबंधन हेतु सब्सिडी पर मशीनें उपलब्ध करवाई हैं, जिनका अधिक से अधिक उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे अपने खेतों में पराली का वैज्ञानिक प्रबंधन कर जिले को पंजाब राज्य में एक आदर्श ज़िला बनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि धान खरीद के लिए सभी प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। डिप्टी कमिश्नर ने किसानों से अपील की कि वे अपनी फसल को पूरी तरह सुखाकर ही मंडियों में लाएं। इस अवसर पर पराली प्रबंधन के लिए तैनात अधिकारियों हेतु एक पॉकेट बुकलेट भी जारी की गई।
विशेष मुख्य अतिथि इंजीनियर जगदीश सिंह, संयुक्त निदेशक कृषि (इंजीनियरिंग), पंजाब ने विभाग की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसान पराली प्रबंधन हेतु उपलब्ध कृषि यंत्रों का पूरा उपयोग करें। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक तरीकों से खेती अपनाने की सलाह दी।
मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. दपिंदर सिंह संधू ने किसानों को मिट्टी की जांच कर मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार ही खाद डालने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विभाग किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, खाद और रसायन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर पराली प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 20 किसानों को सम्मानित किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र के सहायक निदेशक डॉ. मनिंदर सिंह बैंस एवं उनकी टीम ने किसानों को सब्ज़ी उत्पादन, उन्नत बीज, फसल प्रबंधन और एग्रोफॉरेस्ट्री से संबंधित विस्तृत जानकारी दी।
मेले में विभिन्न विभागों व सेल्फ हेल्प ग्रुप्स द्वारा लगाए गए स्टालों ने भी किसानों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। ज़िले के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में किसान इस अवसर पर शामिल हुए।

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