फसली अवशेषों के सही प्रबंधन विषय पर स्कूल स्तर पर प्रतियोगिता का आयोजन
होशियारपुर, 18 अक्तूबर:
मुख्य कृषि अधिकारी दपींदर सिंह के निर्देशानुसार सी.आर.एम. स्कीम वर्ष 2025-26 की आई.ई.सी. गतिविधियों के तहत सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, फलाही में “फसली अवशेषों के सही प्रबंधन” विषय पर स्कूल स्तरीय पोस्टर मेकिंग और लेख (पंजाबी एवं हिंदी) प्रतियोगिता आयोजित की गई।
पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में शिवानी ने पहला स्थान, गैवी महिमी ने दूसरा स्थान तथा अंजली देवी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। लेख (पंजाबी) प्रतियोगिता में लवलीन जस्सल, मनप्रीत कौर और अवलीन कौर ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया, जबकि लेख (हिंदी) प्रतियोगिता में एकता भट्टी, हरमन और शरणप्रीत ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल किया।
इस अवसर पर धर्मवीर शारद, कृषि विकास अधिकारी, होशियारपुर-2 ने विद्यार्थियों को पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण और मिट्टी की गुणवत्ता में गिरावट संबंधी जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को फसली अवशेषों के सही प्रबंधन के विभिन्न विकल्पों के बारे में भी बताया।
परमिंदर सिंह, कृषि विस्तार अधिकारी, महिलांवाली ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने माता-पिता को पराली जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि किसान पराली को खेतों में मिलाकर भूमि की उर्वरता बढ़ा सकते हैं और आगामी फसलों की पैदावार में सुधार कर सकते हैं।
इस अवसर पर स्कूल की छात्राएं राधिका कौर और मनप्रीत ने भी इस विषय पर अपने विचार साझा किए। विद्यालय की प्रिंसिपल मृदुला शर्मा ने विद्यार्थियों को पराली जलाने से पर्यावरण को होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी और कृषि विभाग की टीम का इस प्रयास के लिए धन्यवाद किया।
इस दौरान विद्यालय के अध्यापक नरेंद्र कुमार, अर्चना कालिया, अमरजीत सिंह, गुरकिरन सिंह, ममता, हरप्रीत कौर सहित अन्य स्टाफ सदस्य एवं कृषि विभाग से रमेश कुमार (कृषि उप निरीक्षक) और अमरदीप पाल (बेलदार) उपस्थित थे।
होशियारपुर, 18 अक्तूबर:
मुख्य कृषि अधिकारी दपींदर सिंह के निर्देशानुसार सी.आर.एम. स्कीम वर्ष 2025-26 की आई.ई.सी. गतिविधियों के तहत सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, फलाही में “फसली अवशेषों के सही प्रबंधन” विषय पर स्कूल स्तरीय पोस्टर मेकिंग और लेख (पंजाबी एवं हिंदी) प्रतियोगिता आयोजित की गई।
पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में शिवानी ने पहला स्थान, गैवी महिमी ने दूसरा स्थान तथा अंजली देवी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। लेख (पंजाबी) प्रतियोगिता में लवलीन जस्सल, मनप्रीत कौर और अवलीन कौर ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया, जबकि लेख (हिंदी) प्रतियोगिता में एकता भट्टी, हरमन और शरणप्रीत ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल किया।
इस अवसर पर धर्मवीर शारद, कृषि विकास अधिकारी, होशियारपुर-2 ने विद्यार्थियों को पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण और मिट्टी की गुणवत्ता में गिरावट संबंधी जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को फसली अवशेषों के सही प्रबंधन के विभिन्न विकल्पों के बारे में भी बताया।
परमिंदर सिंह, कृषि विस्तार अधिकारी, महिलांवाली ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने माता-पिता को पराली जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि किसान पराली को खेतों में मिलाकर भूमि की उर्वरता बढ़ा सकते हैं और आगामी फसलों की पैदावार में सुधार कर सकते हैं।
इस अवसर पर स्कूल की छात्राएं राधिका कौर और मनप्रीत ने भी इस विषय पर अपने विचार साझा किए। विद्यालय की प्रिंसिपल मृदुला शर्मा ने विद्यार्थियों को पराली जलाने से पर्यावरण को होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी और कृषि विभाग की टीम का इस प्रयास के लिए धन्यवाद किया।
इस दौरान विद्यालय के अध्यापक नरेंद्र कुमार, अर्चना कालिया, अमरजीत सिंह, गुरकिरन सिंह, ममता, हरप्रीत कौर सहित अन्य स्टाफ सदस्य एवं कृषि विभाग से रमेश कुमार (कृषि उप निरीक्षक) और अमरदीप पाल (बेलदार) उपस्थित थे।

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