मंगलवार, 30 सितंबर 2025

अज्जोवाल स्कूल मे शहीद -ए -आजम भगत सिंह का जन्म दिन मनाया गया।

अज्जोवाल स्कूल मे शहीद -ए -आजम भगत सिंह  का जन्म दिन मनाया गया।

होशियारपुर 30 सितंबर(. ) : सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल अज्जोवाल मे शहीद -ए -आजम भगत सिंह  का जन्म दिन  स्कूल इंचार्ज अमरीक सिंह की अध्यक्षता में  मनाया गया।  इस मौके पर  उनके चित्र पर फूल अर्पित करते हुए मैडम मोनिका,रजनीश तथा सुकृति कश्यप ने कहा कि अधिकांश लोग भगत सिंह को मात्र एक क्रांतिकारी की तरह ही मानते हैं | परन्तु भगत सिंह मात्र एक क्रांतिकारी ही नहीं थे। भगत सिंह एक विचार है, एक दर्शन, जिसने क्रांतिकारी गतिविधियों को एक दार्शनिक आयाम दिया।  भगतसिंह की जेल नोटबुक मिलने के बाद भगत सिंह के चिन्तनशील व्यक्तित्व की व्यापकता और गहराई पर और अधिक प्रकाश पड़ा है। यह सच्चाई भी पुष्ट हुई है कि भगत सिंह ने अपने अन्तिम दिनों में सुव्यवस्थित एवं गहन अध्ययन के बाद बुद्धिसंगत ढंग से मार्क्सवाद को अपना मार्गदर्शक सिद्धान्त बनाया था। महज 23 वर्ष की छोटी सी उम्र में चिन्तन का जो स्तर उन्होंने हासिल कर लिया था, वह उनके युगद्रष्टा युग पुरुष होने को दर्शाता है। अपने जीवन के अंतिम वर्षों में भगत सिंह का मन वैयक्तिक हत्या तथा हिंसक गतिविधियों से विरक्त हो गया था। उनका प्रसिद्ध वक्तव्य था: “पिस्तौल और बम इंकलाब नहीं लाते, बल्कि इंकलाब की तलवार विचारों की सान पर तेज होती है।”  अपने लेख “टू यंग पॉलिटिकल वर्कर्स” में उन्होंने अपने आदर्श को नए अर्थात मार्क्सवादी आधार पर सामाजिक पुनर्निर्माण के रूप में घोषित किया। भगत सिंह का मार्क्सवाद तथा समाज के सम्बन्ध में मार्क्स की वर्गीय अवधारणा में पूर्ण विश्वास था।  वे कहते थे ‘किसानों और गरीबों को सिर्फ विदेशी शोषणकर्ताओं से ही मुक्त नहीं होना है अपितु उन्हें पूंजीपतियों और जमीदारों के चंगुल से भी मुक्त होना है। उन्होंने समाजवाद की धारणा को वैज्ञानिक ढंग से परिभाषित किया, जिसका अर्थ था पूंजीवाद और वर्ग प्रभुत्व का पूरी तरह अंत। भगत सिंह पूंजीवाद की अवधारणा को अस्वीकार करते हैं। उन्होंने पूंजीवाद की आलोचना सामाजिक और राजकीय दोनो परिप्रेक्ष्य में की। इस मौके पर लेक्चरर अनु आनंद,अर्चना,मनीषा सैनी,संगीता सैनी तथा  सीमा हांडा भी मौजूद थे।


 



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

देसी स्वाद पर मिलावट का कहर — होशियारपुर के बेलनों में बन रहा ‘जहरनुमा गुड़’!

 देसी स्वाद पर मिलावट का कहर — होशियारपुर के बेलनों में बन रहा ‘जहरनुमा गुड़’! गुलियानी, होशियारपुर, 26 अक्तूबर होशियारपुर जिला अपने देसी गु...