शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2025

राज्य विज्ञान नाट्य प्रतियोगिता 2025 : विज्ञान का संदेश रंगमंच के माध्यम से, छात्रों में बढ़ेगी वैज्ञानिक सोच


राज्य विज्ञान नाट्य प्रतियोगिता 2025 : विज्ञान का संदेश रंगमंच के माध्यम से, छात्रों में बढ़ेगी वैज्ञानिक सोच

होशियारपुर।
राज्य सरकार ने विज्ञान एवं तकनीकी के महत्व को समाज तक पहुँचाने के लिए एक अनोखी पहल की है। वर्ष 2025 में राज्य विज्ञान नाट्य प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कक्षा 6 से 10 तक के छात्र-छात्राएं अपनी नाट्य प्रतिभा के माध्यम से विज्ञान के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएंगे।
इस प्रतियोगिता का मुख्य विषय “मानव जाति के लाभ के लिए विज्ञान एवं तकनीकी” रखा गया है। इसके साथ ही पाँच उपविषय भी निर्धारित किए गए हैं — विज्ञान में महिलाएं, स्मार्ट कृषि, डिजिटल इंडिया, सभी के लिए स्वच्छता, और हरित तकनीकियां। इन विषयों के माध्यम से छात्रों को यह समझाने का प्रयास किया जाएगा कि विज्ञान किस प्रकार रोजमर्रा के जीवन को बेहतर बना सकता है।
प्रत्येक टीम में अधिकतम आठ कलाकार, एक निर्देशक और एक लेखक होंगे। नाटक की अवधि अधिकतम 30 मिनट निर्धारित की गई है। प्रस्तुति किसी भी आधिकारिक भारतीय भाषा में की जा सकती है, लेकिन यदि नाटक हिंदी या अंग्रेजी के अलावा किसी अन्य भाषा में होगा, तो उसका अनुवाद साथ में देना आवश्यक रहेगा। नाटकों में वैज्ञानिक तथ्यों को सरल, रोचक और शिक्षाप्रद ढंग से प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्रतियोगिता का आयोजन ब्लॉक स्तर से लेकर राज्य स्तर तक किया जाएगा। राज्य स्तर की शीर्ष दो टीमें उत्तरी भारत विज्ञान नाट्य महाकुंभ में हिस्सा लेंगी। वहाँ से चयनित दो श्रेष्ठ टीमें राष्ट्रीय विज्ञान नाट्य महोत्सव, दिल्ली में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगी। प्रतिभागियों के लिए यात्रा और आवास की व्यवस्था सरकार की ओर से की जाएगी।
शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे सितंबर अंत तक प्रतियोगिता की सभी गतिविधियां पूर्ण करें और परिणाम समय पर जिला परिषद को भेजें, ताकि आगे की प्रक्रिया तय समय पर पूरी हो सके।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों में विज्ञान के प्रति रुचि और जिज्ञासा को प्रोत्साहित करना है। नाट्य कला के माध्यम से विद्यार्थी न केवल वैज्ञानिक जानकारी प्राप्त करेंगे, बल्कि समाज में विज्ञान का व्यावहारिक महत्व भी प्रस्तुत करेंगे। इससे उनकी रचनात्मकता, संवाद कौशल और आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी।

प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ नाटक, निर्देशन, लेखन और अभिनय के लिए पुरस्कार दिए जाएंगे, ताकि बच्चों को और अधिक प्रेरणा मिले। राज्य सरकार का मानना है कि इस तरह की गतिविधियाँ छात्रों की वैज्ञानिक सोच और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति दोनों को सशक्त करेंगी, जिससे वे भविष्य में एक जागरूक, जिम्मेदार और नवाचारी नागरिक बन सकें। 

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