सब्जियों के दाम छूने लगे आसमान
सब्जियों के दामों में आग — फूलगोभी 140, बींस और शिमला मिर्च 140 रुपये किलो तक पहुँची
पिछले महीने की बारिश ने फसलों को किया था नुकसान, अब भी नहीं थमी महंगाई
होशियारपुर, 25 अक्तूबर (गुलियानी) —
मौसम अब भले ही सामान्य हो गया हो, लेकिन सब्जियों के दामों में अभी भी कोई राहत नहीं दिख रही। बीते महीने हुई लगातार बारिश का असर अब तक बाजार पर बना हुआ है। खेतों में सड़ी फसलों और आपूर्ति में आई कमी की वजह से सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। आम आदमी की रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है और लोगों को अब सस्ती सब्जियों के दिन दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहे।
पंजाब में अगस्त और सितंबर के दौरान हुई लगातार बारिश से खेतों में खड़ी सब्जियों को भारी नुकसान हुआ था। कई जगहों पर खेतों में पानी भर जाने से फसलें नष्ट हो गईं। अब मौसम ठीक होने के बावजूद बाजारों में सब्जियों की कमी बनी हुई है, जिसका सीधा असर दामों पर पड़ रहा है।
स्थानीय सब्जी विक्रेताओं अशोक कुमार और चंदन लाल का कहना है कि “फसलें तबाह हो जाने से इस सीजन में स्थानीय सब्जियों की आवक बहुत कम है। बाहर के राज्यों से सब्जियां मंगवाने पर ट्रांसपोर्ट का खर्च भी बढ़ गया है, इसी कारण दाम नीचे नहीं आ रहे।”
बीते वर्ष जहां फूलगोभी 40 से 50 रुपये किलो के भाव पर मिलती थी, वहीं इस साल इसका भाव 100 से 140 रुपये किलो तक पहुंच गया है। बींस 60 रुपये से बढ़कर 120 से 140 रुपये किलो तक बिक रही है। शिमला मिर्च पिछले साल 50 रुपये किलो थी, अब 120 से 140 रुपये किलो में बिक रही है।
बैंगन और शलगम जैसी आम सब्जियां भी महंगाई की मार झेल रही हैं। पिछले साल ये 20 रुपये किलो में मिलती थीं, अब 40 रुपये किलो बिक रही हैं। पंजाब के सर्दी के मौसम का प्रमुख आहार सरसों का साग भी अब महंगा हो गया है — पिछले साल 15 रुपये में मिलने वाला साग अब 30 रुपये प्रति गुच्छा बिक रहा है।
आम उपभोक्ताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतों ने घर के खर्च का संतुलन बिगाड़ दिया है। स्थानीय निवासी रंजना देवी ने कहा, “अब तो हर सब्जी खरीदने से पहले सोचना पड़ता है। पहले जितने में चार किलो आती थी, अब दो किलो ही मिलती है।” कई लोगों ने बताया कि अब वे दाल, आलू और प्याज जैसी सस्ती चीजों से ही काम चला रहे हैं।
विक्रेताओं का कहना है कि नई फसल आने में अभी कुछ हफ्ते और लगेंगे। जब तक आपूर्ति सामान्य नहीं होती, सब्जियों के दामों में राहत की उम्मीद फिलहाल नहीं है।

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