डिप्टी कमिश्नर ने निर्देश दिए कि डेंगू एवं मलेरिया
नियंत्रण के लिए टेस्टिंग की संख्या बढ़ाई जाए और घर-घर जाकर लारवा चेकिंग
सुनिश्चित की जाए। बरसात के मौसम को देखते हुए स्वच्छ पेयजल के उपयोग के प्रति
लोगों को जागरूक करने और वॉटर सैंपलिंग को भी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। साथ ही
त्योहारों के सीजन में बाजारों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की समय-समय पर जांच
करने के निर्देश भी जिला स्वास्थ्य अधिकारी को दिए गए।
डिप्टी कमिश्नर ने स्वास्थ्य संस्थानों को 100 प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने, जच्चा-बच्चा मृत्यु दर कम करने, लिंग अनुपात सुधारने, परिवार नियोजन सेवाओं को प्रभावी बनाने और गर्भवती
महिलाओं के मासिक चेकअप व संस्थागत प्रसव को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
उच्च जोखिम वाले मामलों का विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा विशेष निरीक्षण करवाने पर
भी बल दिया गया।
बैठक के दौरान डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन की ओर से
टीबी नियंत्रण कार्यक्रम, कुष्ठ नियंत्रण कार्यक्रम, तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम और हेपेटाइटिस नियंत्रण
कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। इन सभी योजनाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुचारू ढंग
से लागू करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें