पराली प्रबंधन को लेकर डगाम गांव में किसान जागरूकता कैंप आयोजित
होशियारपुर, 26 सितंबरः
डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन तथा मुख्य कृषि अधिकारी होशियारपुर डॉ. दपिंदर सिंह के दिशा-निर्देशों और कृषि अधिकारी गढ़शंकर डॉ. सुखजिंदरपॉल के नेतृत्व में, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग गढ़शंकर की ओर से गांव डगाम में फसल अवशेष प्रबंधन संबंधी किसान जागरूकता कैंप आयोजित किया गया।
इस अवसर पर किसानों को संबोधित करते हुए कृषि विकास अधिकारी गढ़शंकर डॉ. मनप्रीत सिंह ने बताया कि धान की फसल से मिट्टी से प्राप्त पोषक तत्वों का एक बड़ा हिस्सा पराली में ही चला जाता है। उन्होंने कहा कि पराली में लगभग 25 प्रतिशत नाइट्रोजन/फॉस्फोरस, 50 प्रतिशत सल्फर और 75 प्रतिशत
पोटाश मौजूद होता है। प्रति टन पराली में 4-5.5 किलो नाइट्रोजन, 2-2.5 किलो फॉस्फोरस, 15-25 किलो पोटाश, 1.25 किलो सल्फर और लगभग 400 किलो जैविक कार्बन होता है। यदि पराली को जलाया जाता है तो यह सभी पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं।
इस मौके पर कृषि विकास अधिकारी डॉ. जसविंदर कुमार ने किसानों को सरसों और गेहूं की फसल की बुवाई संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि सरसों की फसल के लिए सल्फर तत्व बहुत जरूरी है। इसलिए बुवाई के समय किसानों को 75 किलो सिंगल सुपर फॉस्फेट और 45 किलो नाइट्रोजन का प्रयोग करना चाहिए तथा सरसों की बुवाई के समय डीएपी खाद का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
कैंप में बोलते हुए बीटीएम डॉ. कुलविंदर साहनी ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों को सीआरएम स्कीम के अंतर्गत सब्सिडी पर मशीनरी उपलब्ध करवा रही है। किसानों को चाहिए कि इस मशीनरी का उपयोग कर पराली की उचित संभाल करें और धान की पराली को जलाने से बचें।
इस अवसर पर एटीएम बलराज राय, सतपाल, प्रधान जसविंदर सिंह, सरपंच बलवीर सिंह, शीतल सिंह, सुखजीत सिंह, गुरनाम सिंह, सचिव कश्मीरी लाल सहित गांव के अनेक किसान उपस्थित थे।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें