शनिवार, 27 सितंबर 2025

बाढ़ पीड़ितों के पुर्नवास की बात की जगह विशेष सत्र में ड्रामेबाजी करके मान सरकार ने पंजाबियों से विश्वासघात किया : तीक्ष्ण सूद


बाढ़ पीड़ितों के पुर्नवास  की बात की जगह विशेष सत्र में ड्रामेबाजी करके मान सरकार ने  पंजाबियों से विश्वासघात किया : तीक्ष्ण सूद 

होशियारपुर ( 27 सितम्बर) पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा हैं कि एक झूठ को छुपाने के लिए 100 झूठ बोलने पड़ते हैं " वाली कहावत पंजाब सरकार पर पूरी तरह सही बैठती हैं।  जिस हर मुद्दे पर  मुख्यमत्री भगवंत मान व केजरीवाल अपनी ब्यानबाजी से पिछली सरकारों पर दोष मढ़ते थे आज स्वंय सरकार में आने पर पहले से उल्टा बोल रहे हैं।  बाढ़ की स्थिती की बात करें तो सत्ता में आने से पहले भगवंत मान यह कहते दिखाई देते थे  कि प्रकीर्ति का कैहर कुछ नहीं होता सरकारें ठीक काम करें तो बाढ़ की विभिषिका  से बचा जा सकता हैं।  अब सत्ता में आने के बाद बाढ़ का प्रकोप ना संभालें जाने के कारण कभी हिमाचल, कभी  बीबीएमबी तथा कभी कुदरत को दोष दिया जा रहा हैं। दरासल पंजाब में बाढ़ का प्रकोप कुदरती नहीं हैं , परन्तु सरकार की गलतियों तथा नलाईकियों का प्रमाण हैं।  समय पर डैमों से पानी ना छोड़े जाना इसका एक सबसे बड़ा कारण हैं।  जिससे लाखों एकड़ फसल तो नष्ट हुई ही हैं परन्तु दर्जनों कीमती जाने भी चली गई। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पूर्व में कहा था कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बाढ़ के आते ही 20000 रुपए प्रति किला किसानों को देती हैं।  हम भी पंजाब में सत्त्ता में आने के बाद तुरंत 50000 रुपए प्रति एकड़ देंगे बाकि की औपचारिकतायें  बाद में होती रहेंगी।  2023 में आई बाढ़ में उन्होंने बकरी तथा मुर्गी का मुआवजा भी देने की बात की थी तथा यह सभी बातें झूठ साबित हुई हैं।  बाढ़ पीड़ितों को अभी तक  अगर कोई राहत दी जा सकी हैं तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आपदा राहत के कोष में पहले से दिए  जा चुके 12000 करोड़ राशि तथा  अभी जारी की गई 1600 करोड़ की राशि हैं।  मान साहिब कहते हैं कि हम केंद्र से पैसे क्यों मांगे क्योंकि, हमारे पास आपदा राहत फण्ड का  बहुत सारा पैसा पड़ा हैं।  पता नहीं उस पैसे को कहा खर्चा गया क्योंकि केंद्र द्वारा दिए गए 13600 करोड़ में से अभी तक एक पैसा भी नहीं खर्चा गया।  सबसे बुरी  बात यह हैं कि अपनी गलतियों तथा झूठ को छुपाने के लिए मुख्यमंत्री मान ने विधान सभा का विशेष सत्र बुलाया जिसमें कोई भी तर्क संगत बात करने की बजाए महज ड्रामेबाजी की गई तथा ऐसा पहला मौका देखने को मिला जब सत्ता  दल विधान सभा के अंदर स्पीकर के सामने नारेबाजी करते दिखाई दिए।  उन्होंने कहा कि विशेष सत्र के बहाने, मान सरकार ने  केबल पंजाबियों की खून पसीने की कमाई के करोड़ों रुपए बर्बाद किए हैं।  परन्तु इससे बाढ़ पीड़ितों के पुर्नवास के बारे में कुछ भी ठोस  कार्यक्रम नहीं बना पाए।  ऐसे कारनामों से मान सरकार ने पंजाबियों से विश्वासघात किया हैं तथा बाढ़ पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़का हैं।   


 

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